देश में कर व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए आयकर विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
हाल के महीनों में छापेमारी की बढ़ती संख्या, डिजिटल निगरानी प्रणाली का विस्तार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार कर चोरी के मामलों में अब किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित करना और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाना है।छापेमारी में आई तेजीआयकर विभाग द्वारा देशभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है।
इन छापों के दौरान अधिकारियों ने कई कंपनियों, कारोबारियों और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के ठिकानों पर जांच की है।