चिकित्सा विज्ञान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से बदलाव ला रहा है।
हाल ही में एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि एक उन्नत AI मॉडल अब कार्डियक MRI (दिल की MRI स्कैन) को लगभग विशेषज्ञ डॉक्टरों जितनी सटीकता से पढ़ सकता है।
यह खोज भविष्य में हृदय रोगों के इलाज और निदान को पूरी तरह बदल सकती है।AI मॉडल कैसे करता है काम?यह AI मॉडल एक “फाउंडेशन मॉडल” के रूप में विकसित किया गया है, जिसे 3 लाख से अधिक MRI वीडियो क्लिप और लगभग 20,000 मरीजों के डेटा पर ट्रेन किया गया है।यह मॉडल MRI वीडियो को देखकर खुद ही दिल की संरचना और कार्यप्रणाली को समझता है और उससे जुड़े रोगों का विश्लेषण करता है।खास बात यह है कि यह तकनीक बिना कॉन्ट्रास्ट डाई (contrast dye) के भी काम कर सकती है, जिससे मरीजों के लिए यह प्रक्रिया और सुरक्षित हो जाती है।एक्सपर्ट जैसी सटीकतास्टडी के अनुसार, यह AI मॉडल दिल की कार्यक्षमता (जैसे ejection fraction) को मापने में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बराबर सटीकता हासिल कर चुका है।इसके अलावा यह मॉडल 39 प्रकार की हृदय बीमारियों की पहचान करने में सक्षम है, जिसमें हाइपरट्रॉफिक और डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर बीमारियां शामिल हैं।कुछ मामलों में इसकी सटीकता का स्तर AUC 0.97 तक दर्ज किया गया, जो मेडिकल AI के क्षेत्र में बेहद उच्च माना जाता है।ग्रामीण और छोटे अस्पतालों को होगा बड़ा फायदाकार्डियक MRI को पढ़ना आसान नहीं होता और इसके लिए विशेष विशेषज्ञता की जरूरत होती है।
लेकिन कई छोटे शहरों और ग्रामीण अस्पतालों में ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते।ऐसे में यह AI मॉडल डॉक्टरों की कमी को पूरा कर सकता है और मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सकेगा।