छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, हाल ही में संपन्न दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 में विशेषज्ञों ने राज्य के लिए एक नया रोडमैप प्रस्तुत किया है।
6 जुलाई, 2026 को समाप्त हुए इस शिविर में पर्यटन, कृषि, तकनीक और विकास नीति से जुड़े कई अहम सुझाव दिए गए, जिनमें विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और हर जिले के लिए उसकी आर्थिक क्षमता के अनुरूप अलग विकास योजनाएं बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन सुझावों को नीतिगत फैसलों में शामिल करने का आश्वासन दिया, जिसका उद्देश्य राज्य का संतुलित विकास सुनिश्चित करना और जन सेवाओं में सुधार लाना है।
इस शिविर में राज्य के विविध क्षेत्रों की पहचान करते हुए उनके विशिष्ट विकास की रूपरेखा तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ, जो छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए एक समग्र और समावेशी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।बस्तर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने की योजनाचिंतन शिविर में बस्तर क्षेत्र को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की सिफारिश की गई है।