राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस: AI सिर्फ चैटबॉट नहीं, खेत-स्कूल-अस्पताल तक बदल रहा भारत

भारत में 11 मई को मनाए गए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर, देश के प्रतिष्ठित आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी मद्रास के निदेशकों के साथ-साथ भारत सरकार के एआई-आधारित अनुवाद प्लेटफॉर्म भाषिनी के सीईओ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बदलते परिदृश्य और आम लोगों तक इसकी पहुंच पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

इन विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि AI अब केवल लैपटॉप या चैटबॉट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठोस बदलाव लाने की क्षमता रखता है, जिससे देश के टेक्नोलॉजी मिशन को एक नई दिशा मिल रही है।खेत-खलिहान से क्लिनिक तक AI का विस्तारआईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती ने AI के वास्तविक अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका असली काम खेत, क्लिनिक, फैक्ट्री और गांव तक पहुंचना है।

उनके संस्थान ने इसी दिशा में AI4ICPS (टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब) नामक एक प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसका लक्ष्य AI को सीधे दैनिक समस्याओं से जोड़ना है।

इस पहल के तहत, कृषि क्षेत्र में AI रोबोट बनाए गए हैं, जो खेतों में जाकर फसलों की निगरानी कर सकते हैं, बीमारियों की पहचान कर सकते हैं और आवश्यकतानुसार दवाएं डाल सकते हैं।

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