छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के पर्यटन मानचित्र पर एक नया अध्याय जोड़ने की घोषणा की है।
हाल ही में पर्यटन विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि पौराणिक मुचुकुंद ऋषि की प्राचीन तपोस्थली को एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह वह पवित्र स्थल है जहाँ मान्यताओं के अनुसार देवताओं और असुरों के बीच भयंकर संग्राम हुआ था और जहाँ ऋषि मुचुकुंद ने अपनी कठोर तपस्या की थी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय विरासत का संरक्षण करना और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।