छत्तीसगढ़ में आज राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है, जहाँ एक ओर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनहितैषी 'सेवा सेतु' कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए 'काला दिवस' मना रही है।
यह दोहरी तस्वीर छत्तीसगढ़ की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को दर्शाती है, जहाँ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सुशासन और जनसंपर्क पर जोर दे रही है, जबकि कांग्रेस विभिन्न जनविरोधी मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने पर केंद्रित है, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है।मुख्यमंत्री साय का 'सेवा सेतु' कार्यक्रम: जनहितैषी पहलमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 'सेवा सेतु' कार्यक्रम में अपनी भागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुशासन की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
यह कार्यक्रम राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की खाई को पाटना है।