छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने बिलासपुर में निर्माणाधीन 'सौराष्ट्र' आवासीय परियोजना का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय परियोजना में लंबे समय से हो रही देरी, निर्माण कार्य में अनियमितताओं और रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने के बाद लिया गया है।
इस कदम से उन सैकड़ों फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने अपने सपनों के घर के लिए इस परियोजना में निवेश किया था और कई वर्षों से अपने पैसे या संपत्ति के लिए भटक रहे थे।
रेरा का यह फैसला राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश है।रेरा के कड़े कदम का औचित्यछत्तीसगढ़ रेरा ने यह कार्रवाई रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 7(1)(a) और 7(1)(b) के तहत की है, जो प्राधिकरण को परियोजना में धोखाधड़ी, नियमों के उल्लंघन या परियोजना को पूरा करने में विफलता के मामलों में पंजीयन रद्द करने का अधिकार देती है।