शिमला में विश्व पर्यावरण दिवस पर एंटी-चिट्टा मैराथन: नशामुक्ति-स्वच्छता का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 5 जून को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक महत्वपूर्ण 'एंटी-चिट्टा मिनी मैराथन' का आयोजन किया गया।

इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाने और प्रकृति के संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता और जागरूकता बढ़ाना था।

शिमला पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में प्रतिभागियों, जिनमें स्कूलों और कॉलेजों के छात्र, स्थानीय स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक शामिल थे, ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

यह पहल न केवल मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ एक सशक्त संदेश थी, बल्कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती थी, जो शिमला जैसे पर्यटन-निर्भर शहर के लिए अत्यंत आवश्यक है।मैराथन का उद्देश्य और व्यापक भागीदारीइस मिनी मैराथन का आयोजन दोहरी चुनौती का सामना करने के लिए किया गया था: पहला, हिमाचल प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या, विशेषकर 'चिट्टा' जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ युवाओं को जागरूक करना; और दूसरा, स्वच्छ पर्यावरण के महत्व पर जोर देना, जो कि विश्व पर्यावरण दिवस का मूल संदेश है।

शिमला में विश्व पर्यावरण दिवस पर एंटी-चिट्टा मैराथन: नशामुक्ति-स्वच्छता का संदेश

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