देश की महान पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। इसी कड़ी में बिहार के कटिहार जिले में भी लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
खासतौर पर आजमनगर क्षेत्र में बुजुर्गों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने उनके गीतों और यादों को साझा करते हुए उन्हें याद किया।
कटिहार के स्थानीय लोगों के अनुसार, आशा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि उनकी आवाज लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी थी।
कई बुजुर्गों ने बताया कि उनकी सुबह की शुरुआत आशा जी के गीतों से होती थी और जीवन के कठिन समय में भी उनके गाने एक सहारा बनते थे।