बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही “बस्तर 2.0” पहल क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी ढांचे में व्यापक बदलाव लाने का वादा कर रही है।
लंबे समय से नक्सल प्रभावित और विकास की मुख्यधारा से दूर रहे बस्तर को अब आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है।सरकार का लक्ष्य है कि “बस्तर 2.0” के तहत क्षेत्र को केवल सुरक्षा के नजरिए से नहीं, बल्कि समग्र विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए।
इस पहल में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल कनेक्टिविटी और पर्यटन को प्राथमिकता दी जा रही है।
खास बात यह है कि इस योजना में स्थानीय संस्कृति और जनजातीय पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती रही है।