अमरनाथ यात्रा: 55 हजार जवान तैनात, ड्रोन-IED से सुरक्षा की चुनौती

जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक विस्तृत और फुलप्रूफ सुरक्षा योजना तैयार की है।

इस योजना के तहत यात्रा मार्ग पर 55 हजार से अधिक सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को तैनात किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय खुफिया इकाइयों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

यह व्यापक सुरक्षा घेरा राज्य में सक्रिय लगभग पचास विदेशी दहशतगर्द और दर्जनों ओवर ग्राउंड वर्करों से उत्पन्न होने वाले खतरों, विशेषकर छोटी मिसाइल (हैंड ग्रेनेड), ड्रोन-अटैक, फिदायीन हमला और आईईडी के संभावित हमलों से तीर्थयात्रियों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा और नई चुनौतियांपवित्र अमरनाथ यात्रा, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है, अपनी भौगोलिक चुनौतियों और संवेदनशील सुरक्षा परिदृश्य के कारण हमेशा से ही सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।

अमरनाथ यात्रा: 55 हजार जवान तैनात, ड्रोन-IED से सुरक्षा की चुनौती

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