छत्तीसगढ़ की बिलासपुर केंद्रीय जेल इन दिनों एक अनूठी पहल का केंद्र बनी हुई है, जहाँ बंदी अपनी रचनात्मकता और आस्था का संगम प्रस्तुत कर रहे हैं।
आने वाली गणेश चतुर्थी के पावन अवसर के लिए, जेल में बंद कैदी पूरी लगन से पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं।
यह सिर्फ कला और शिल्प का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक गहरा संदेश भी है, जो आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ता है।
इस पहल का उद्देश्य बंदियों को कौशल विकास के अवसर प्रदान करना, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करना और उनके परिवारों के लिए आय का एक स्रोत सुनिश्चित करना है।