हाल ही में, छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना राज्यों के वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बाघों के अवैध शिकार पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने और अंतरराज्यीय वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार करना था।
यह पहल बाघों की घटती संख्या और सीमावर्ती क्षेत्रों में शिकारियों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर अत्यंत आवश्यक हो गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तीनों राज्यों की भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं।
इस समन्वित प्रयास से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे बाघों और अन्य वन्यजीवों को बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।अंतरराज्यीय समन्वय और सूचना साझाकरणबैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शिकारियों के नेटवर्क अक्सर राज्यों की सीमाओं को पार करते हुए काम करते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना और उन पर कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है।