विवाहित बेटी को भी अनुकंपा नौकरी का हक: हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

हाल ही में, एक उच्च न्यायालय ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि विवाहित बेटी को केवल उसकी वैवाहिक स्थिति के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में विवाहित बेटी के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन है।

यह फैसला एक मृतक कर्मचारी की विवाहित बेटी द्वारा दायर याचिका पर आया, जिसे एक प्रमुख बैंक ने उसके पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि वह विवाहित है और नियमों के अनुसार आश्रित नहीं मानी जा सकती।

न्यायालय ने बैंक के इस तर्क को खारिज करते हुए लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को प्राथमिकता दी है।

विवाहित बेटी को भी अनुकंपा नौकरी का हक: हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

पूरी खबर पढ़ें