छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर तीन दिवसीय संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान

पिछले सप्ताह 15 से 17 मई तक, छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले और ओडिशा के नुआपाड़ा जिले की सीमा से लगे दुर्गम जंगलों और पहाड़ी इलाकों में छत्तीसगढ़ पुलिस, ओडिशा पुलिस, और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की विशेष टुकड़ियों ने एक तीन दिवसीय सघन संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान चलाया।

इस रणनीतिक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ती नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना, उनके ठिकानों को ध्वस्त करना और स्थानीय आबादी में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना था।

यह अभियान दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया जानकारी साझा करने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण रहा, जिसका लक्ष्य माओवादियों की घुसपैठ और विस्तारवादी मंसूबों को विफल करना था, जो अक्सर इस सीमावर्ती क्षेत्र का उपयोग अपने सुरक्षित गलियारे के रूप में करते हैं।अभियान की विस्तृत रणनीति और लक्ष्ययह संयुक्त अभियान अत्यंत गोपनीय और सुनियोजित था।

इसकी शुरुआत से पहले, दोनों राज्यों की खुफिया एजेंसियों ने कई हफ्तों तक गहन जानकारी जुटाई, जिसमें नक्सलियों की गतिविधियों, उनके छिपने के स्थानों और संभावित आपूर्ति मार्गों की विस्तृत जानकारी शामिल थी।

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर तीन दिवसीय संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान

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