दिल्ली की मऊमाला नायक ने रायगढ़ में कथक से समां बांधा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आयोजित 41वें चक्रधर समारोह की तीसरी सांस्कृतिक संध्या कला, सुर, ताल और लय के एक अद्भुत संगम से सराबोर रही।

इस यादगार शाम में दिल्ली की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना मऊमाला नायक ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों और मनमोहक भाव-भंगिमाओं से दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया।

यह संध्या सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और कलात्मक उत्कृष्टता के प्रदर्शन के लिए समर्पित थी, जहाँ देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कलाकारों ने नृत्य और संगीत की विभिन्न विधाओं की शानदार प्रस्तुतियां दीं।

समारोह ने रायगढ़ के सांस्कृतिक परिदृश्य को एक नई ऊर्जा और जीवंतता प्रदान की।कथक की सम्मोहक प्रस्तुति और भाव-भंगिमाएंनृत्यांगना मऊमाला नायक ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत ही ऐसे अंदाज में की, जिसने सभागार में बैठे हर दर्शक का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

दिल्ली की मऊमाला नायक ने रायगढ़ में कथक से समां बांधा

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