अनागारिक धम्मपाल जयंती: छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने पाया गौरवपूर्ण सम्मान

हाल ही में, बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महान अनागारिक धम्मपाल की 159वीं जयंती के पावन अवसर पर, छत्तीसगढ़ की उन कर्मठ और प्रेरणादायक महिलाओं को विशेष सम्मान से नवाजा गया जिन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अतुलनीय योगदान दिया है।

यह भव्य सम्मान समारोह राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रतिष्ठित बौद्ध संस्था 'धम्म ज्योति संघ' ने संयुक्त रूप से महिलाओं के उत्कृष्ट कार्यों को सराहा और उन्हें प्रोत्साहित किया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उनके संघर्ष तथा उपलब्धियों को सार्वजनिक मंच पर पहचान दिलाना था, ताकि वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।अनागारिक धम्मपाल का अविस्मरणीय योगदान और जयंती का महत्वअनागारिक धम्मपाल एक ऐसे दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

उनका जन्म 17 सितंबर, 1864 को श्रीलंका में हुआ था। उन्होंने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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