छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर अब जनजातीय कार्य विभाग कर दिया है।
यह ऐतिहासिक फैसला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हाल ही में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय के सम्मान को बढ़ावा देना, उनके विकास कार्यों को अधिक केंद्रित और प्रभावी बनाना, तथा राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के अनुरूप विभाग का नामकरण करना है।
यह बदलाव केवल नाम तक सीमित नहीं, बल्कि सरकार का मानना है कि यह विभाग की कार्यप्रणाली और आदिवासियों से संबंधित नीतियों के दृष्टिकोण में भी सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।
छत्तीसगढ़, अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है, में इस कदम को एक प्रगतिशील पहल के रूप में देखा जा रहा है।नाम बदलने का औचित्य और उद्देश्यइस नाम परिवर्तन के पीछे कई महत्वपूर्ण औचित्य और उद्देश्य निहित हैं।