छिंदवाड़ा का आदिवासी किसान पूरनलाल: खेत बना 'कृषि तीर्थ', देशभर के किसान सीखेंगे

मध्य प्रदेश के कृषि विभाग ने किसानों को उन्नत तकनीकों से परिचित कराने के लिए एक नई और अनूठी पहल शुरू की है, जिसे 'कृषि तीर्थ' नाम दिया गया है।

इसी पहल के तहत, छिंदवाड़ा जिले के हर्रई विकासखंड के एक प्रगतिशील आदिवासी किसान पूरन लाल इवनाती के खेत को 'कृषि तीर्थ' के रूप में चुना गया है।

18 जुलाई, 2026 को प्रकाशित जानकारी के अनुसार, पूरन लाल इवनाती ने अपनी 6 एकड़ पथरीली और बंजर भूमि को अथक परिश्रम और नवाचार से एक लहलहाते कृषि मॉडल में बदल दिया है।

उनका यह अभिनव प्रयास अब मध्य प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों के किसानों के लिए प्रेरणा और प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा, जहाँ वे प्राकृतिक खेती और समन्वित कृषि मॉडल की बारीकियों को सीख सकेंगे।कृषि तीर्थ की अवधारणा और चयन'कृषि तीर्थ' की अवधारणा का तात्पर्य ऐसे कृषि स्थल से है, जहाँ किसान आधुनिक और सफल खेती के तरीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें।

छिंदवाड़ा का आदिवासी किसान पूरनलाल: खेत बना 'कृषि तीर्थ', देशभर के किसान सीखेंगे

पूरी खबर पढ़ें