बस्तर का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें विभिन्न पंचायतों के सरपंच, पंच, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल हैं, हाल ही में छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुआ है।
इस दल का मुख्य उद्देश्य भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें बस्तर में हो रहे अभूतपूर्व सकारात्मक बदलावों, विकास की नई गाथाओं और शांति बहाली के प्रयासों से अवगत कराना है।
यह प्रतिनिधिमंडल, जो बस्तर की जमीनी हकीकत का सीधा संदेश लेकर पहुंचा है, क्षेत्र की बदलती तस्वीर को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने और दशकों से नक्सल प्रभावित रहे इस इलाके के बारे में बनी पुरानी धारणाओं को तोड़ने के लिए कृतसंकल्प है।
यह यात्रा बस्तर के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है, जो अब विकास और समृद्धि की राह पर अग्रसर है।बदलते बस्तर की कहानीबस्तर, जिसे कभी नक्सलवाद और अशांति का पर्याय माना जाता था, अब विकास और शांति के नए अध्याय लिख रहा है।