छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है, आज एक गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहा है।
हजारों युवा, जिनके मन में अपने घर में रहकर बेहतर भविष्य बनाने के सपने थे, वे अब बेरोजगारी के कारण पलायन करने को मजबूर हैं।
यह स्थिति न केवल इन युवाओं के सपनों को तोड़ रही है, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने पर भी गहरा असर डाल रही है।
रोजगार के अवसरों की कमी और स्थानीय उद्योगों के धीमे विकास ने इस समस्या को और भी विकराल बना दिया है, जिससे प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में युवा बड़े शहरों की ओर रुख कर रहे हैं।बेरोजगारी की भयावह तस्वीरबस्तर संभाग में बेरोजगारी की समस्या किसी एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जैसे सभी जिलों में व्याप्त है।