गरियाबंद। देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर गरियाबंद में आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
श्री जगन्नाथ परिवार युवा बल के तत्वावधान में सिविल लाइन स्थित रामजानकी मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की पारंपरिक स्नान यात्रा श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई।
वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, मृदंग और अन्य मांगलिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच महाप्रभु का 108 पवित्र कलशों के जल से महाअभिषेक किया गया।
पूरे मंदिर परिसर में "जय जगन्नाथ" के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बन गया।धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों को रत्न सिंहासन से स्नान मंडप तक लाया गया, जहां वैदिक विधि-विधान के साथ उनका महाअभिषेक किया गया।