भारत में 2026 की गर्मी (समर) फसल सीजन को लेकर कृषि मंत्रालय के ताज़ा आंकड़े खेती के बदलते रुझानों की ओर इशारा कर रहे हैं।
जहां एक ओर कुल बुवाई क्षेत्र में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं धान (चावल) की खेती में उल्लेखनीय गिरावट सामने आई है।
यह बदलाव न केवल किसानों की प्राथमिकताओं को दर्शाता है, बल्कि भविष्य की कृषि रणनीति और खाद्य सुरक्षा पर भी असर डाल सकता है।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 तक देश में कुल समर फसलों का बुवाई क्षेत्र 58.29 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के 57.80 लाख हेक्टेयर की तुलना में 0.48 लाख हेक्टेयर अधिक है।
हालांकि यह वृद्धि बहुत मामूली है, लेकिन इसके पीछे फसलों के पैटर्न में बड़ा बदलाव छिपा हुआ है।सबसे बड़ा बदलाव धान की खेती में देखने को मिला है।