छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार को अनिवार्य करने के राज्य सरकार के आदेश ने एक बड़े राजनीतिक और कानूनी विवाद को जन्म दिया है।
इस आदेश को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि यह आदेश निर्बाध रूप से जारी रहेगा और सरकार अपने फैसले पर पूरी तरह कायम है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब आदिवासी संगठनों, ईसाई संस्थाओं और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।