मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में, 15 साल की अथक मेहनत और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग का कमाल आखिरकार रंग लाया है।
भारत की सबसे लंबी 11.9 किलोमीटर लंबी वाटर टनल, जिसका निर्माण अपर वैनगंगा परियोजना के तहत किया गया है, अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गई है।
यह ऐतिहासिक परियोजना संजय सरोवर बांध से पानी को दूरदराज के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचाने और स्थानीय आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, जो अब जल सुरक्षा और सिंचाई के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर रही है।
यह देश की इंजीनियरिंग क्षमताओं का एक ज्वलंत उदाहरण है।इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूनायह वाटर टनल सिर्फ एक सुरंग नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग की एक असाधारण उपलब्धि है।