मध्य प्रदेश की पावन नगरी उज्जैन में, देवों के देव भगवान महाकाल के धाम पर सावन माह के प्रथम दिन, एक असाधारण और अलौकिक दृश्य ने हजारों श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
30 जुलाई 2026 को दोपहर के समय, जब बाबा महाकाल के दर्शनों के लिए मंदिर परिसर में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा हुआ था, तभी मंदिर के भव्य शिखर पर एक वानर हाथ में ध्वज थामकर आ बैठा।
सनातन परंपरा और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वानर को संकटमोचन हनुमान जी का स्वरूप और हनुमान जी को भगवान शिव का ही रुद्र अवतार माना जाता है।
सावन के पहले ही पवित्र दिन शिखर पर इस दिव्य स्वरूप के दर्शन ने श्रद्धालुओं के लिए महाकाल और हनुमान जी के एक साथ साक्षात दर्शन जैसा अनुभव प्रदान किया, जिससे समूची महाकाल नगरी जयकारों से गूंज उठी।सावन की अलौकिक शुरुआत और भक्ति का सैलाबहिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र काल माना जाता है।