नेपाल और तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 919 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 7000 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
यह भयावह घटना 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर फटने के कारण हुई थी, जिसके पाँच दिन बाद भी तबाही के निशान हर तरफ़ स्पष्ट दिख रहे हैं।
इस त्रासदी के बाद, नेपाल ने अपने पड़ोसी देश चीन पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं कि उसने ग्लेशियरों की स्थिति और नदियों के जलस्तर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी समय पर साझा नहीं की, जिससे आपदा से निपटने की तैयारियों में गंभीर चूक हुई।
यह आरोप मई महीने में काठमांडू में नेपाल और चीन के अधिकारियों के बीच हुई एक बैठक के संदर्भ में आया है, जहाँ प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के खतरों पर चर्चा की गई थी।विनाशकारी बाढ़: मौत और लापता लोगों का आंकड़ाइस विनाशकारी बाढ़ ने हिमालयी क्षेत्र में जीवन और संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया है।