छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में भूवैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसी ऐतिहासिक खोज की है जिसने भारतीय उपमहाद्वीप के भूगर्भीय इतिहास को नए सिरे से परिभाषित किया है।
जगदलपुर के पास से मिले एक चट्टान के टुकड़े को वैज्ञानिकों ने 3.65 अरब साल पुराना बताया है, और इसे अब भारतीय भूभाग का सबसे प्राचीन हिस्सा घोषित किया गया है।
यह महत्वपूर्ण खोज न केवल भारत के भूवैज्ञानिक मानचित्र पर बस्तर के महत्व को बढ़ाती है, बल्कि पृथ्वी के प्रारंभिक विकास और महाद्वीपों के निर्माण की प्रक्रियाओं को समझने में भी सहायक होगी।
यह चट्टान का टुकड़ा उन दुर्लभ भूगर्भीय साक्ष्यों में से एक है जो पृथ्वी के प्रारंभिक अवस्था के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, जब ग्रह अपने शैशवावस्था में था और जीवन की शुरुआत हो रही थी।