फ्रांस में पिछले तीन दिनों से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देशव्यापी कर्फ्यू लागू करने की घोषणा की है।
यह फैसला उन्होंने 19 अक्टूबर, 2026 को एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद लिया, जिसमें उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक पर गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज का इस्तीफा ठुकराते हुए जवाब भी मांगा।
ये विरोध प्रदर्शन 17 अक्टूबर को महंगाई और सरकारी सुविधाओं में कमी के खिलाफ शुरू हुए थे, जो जल्द ही पेरिस, मार्सेई और लियोन जैसे प्रमुख शहरों में व्यापक हिंसा में बदल गए।
राष्ट्रपति मैक्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तोड़फोड़ और अराजकता फैलाने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी।हिंसा की आग में झुलसता फ्रांस और मैक्रों का कड़ा रुखफ्रांस पिछले कई दिनों से अशांति की चपेट में है, जहां विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है।