देश के विभिन्न ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जन स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य सेस्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में 97 आयुष्मान आरोग्य शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
पिछले कुछ हफ्तों के दौरान आयोजित इन बृहद स्वास्थ्य जांच अभियानों में कुल 7131 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।
इन गहन जांचों के परिणामस्वरूप, गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे क्षयरोग (टीबी) से ग्रसित 343 व्यक्तियों की पहचान की गई, जिन्हें तत्काल उपचार और आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह पहल सरकार की 'सबका साथ, सबका विकास' और 'टीबी मुक्त भारत' की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।शिविरों का व्यापक प्रभाव और पहुँचआयुष्मान आरोग्य शिविरों का मुख्य लक्ष्य दूरदराज के इलाकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है, जहाँ अक्सर चिकित्सा सुविधाओं की कमी होती है और लोग नियमित जांच से वंचित रह जाते हैं।