पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति तेज

पीएम मोदी बोले—गैस और कच्चा तेल हर संभव स्रोत से जुटाने की कोशिश, लंबे संकट पर गंभीर असर की चेतावनीपश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर रणनीतिक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि सरकार देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए गैस और कच्चा तेल “हर संभव स्रोत” से जुटाने की कोशिश कर रही है और आने वाले दिनों में भी यह प्रयास जारी रहेगा।प्रधानमंत्री ने क्या कहाप्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर डाल रहा है।

इस क्षेत्र से ही दुनिया के बड़े हिस्से को तेल और गैस की आपूर्ति होती है, ऐसे में किसी भी तरह का व्यवधान सीधे भारत जैसे आयात-निर्भर देश को प्रभावित करता है।भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।

ऐसे हालात में सरकार ने ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण (Diversification) पर जोर दिया है ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत की प्राथमिकता सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना ही नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति बनाए रखने के प्रयास भी उतने ही जरूरी हैं।

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति तेज

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