बेंगलुरु: भारतीय उपभोक्ताओं के लिए महंगाई के मोर्चे पर चिंताजनक खबर है।
एक हालिया रॉयटर्स सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की उपभोक्ता मुद्रास्फीति दर जून महीने में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य को पहली बार पार कर सकती है, जो 16 महीनों में ऐसा पहली बार होगा।
3 से 9 जुलाई के बीच 37 अर्थशास्त्रियों द्वारा किए गए इस सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) द्वारा मापी गई वार्षिक उपभोक्ता मुद्रास्फीति मई में 3.93% से बढ़कर जून में 4.3% तक पहुंच सकती है।
यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों, अमेरिका-ईरान के बीच संभावित तनाव और कमजोर मानसून जैसी चुनौतियों के कारण हो रही है, जिससे लागत का दबाव बढ़ रहा है।