भारत में राशन व्यवस्था यानी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ मानी जाती है।
करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए यह प्रणाली लंबे समय से कार्यरत है।
वर्ष 2026 में राशन व्यवस्था को लेकर कई बदलाव, सुधार और नई चर्चाएं सामने आई हैं, जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।राशन प्रणाली का आधार राशन कार्ड होता है, जिसके जरिए पात्र परिवारों को सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा में गेहूं, चावल और अन्य खाद्यान्न सस्ते दरों पर उपलब्ध कराया जाता है।
वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र परिवारों को प्रति व्यक्ति लगभग 5 किलो अनाज दिया जाता है, जिसमें चावल, गेहूं और मोटा अनाज शामिल होता है।