भारत का प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र 2035 तक $750-850 अरब के उल्लेखनीय स्तर तक पहुंचने की क्षमता रखता है।
यह अनुमान भारत सरकार के थिंक टैंक, नीति आयोग द्वारा हाल ही में जारी किया गया है।
यह घोषणा देश के तेजी से बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल और वैश्विक मांग को दर्शाती है।
यह वृद्धि न केवल आर्थिक विकास को गति देगी बल्कि लाखों नए रोजगार भी सृजित करेगी, जिससे भारत वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरेगा।