पोलावरम परियोजना पर अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने जताई संतुष्टि, कार्य की गुणवत्ता सराही

अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की एक टीम ने 27 मई, 2026 को शुरू हुए अपने तीन दिवसीय गहन निरीक्षण के बाद आंध्र प्रदेश की महत्वाकांक्षी पोलावरम सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता पर गहन संतोष व्यक्त किया है।

इस टीम का नेतृत्व कर रहे अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ सीन हिंचबर्गर ने स्थल पर निर्माण गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की और परियोजना के निष्पादन में प्रदर्शित पेशेवर दृष्टिकोण की सराहना की।

यह परियोजना आंध्र प्रदेश के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है, जिसका उद्देश्य राज्य के कई जिलों में सिंचाई, पेयजल और पनबिजली की आवश्यकताओं को पूरा करना है।

इस सकारात्मक मूल्यांकन के बावजूद, परियोजना से विस्थापित हुए आदिवासियों के लिए भूमि मुआवजे की मांग लगातार बढ़ रही है, जो विकास के साथ जुड़े सामाजिक सरोकारों को रेखांकित करती है।परियोजना का महत्व और निरीक्षण का उद्देश्यपोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसे गोदावरी नदी के जल का उपयोग कर राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा प्रदान करने, पेयजल उपलब्ध कराने और लगभग 960 मेगावाट पनबिजली उत्पन्न करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

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