बुधवार, 20 मई 2026 की सुबह, केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण हजारों श्रद्धालु फंस गए।
तेज बारिश के बीच यह घटना मंगलवार रात हुई, जिसके बाद रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने तत्काल रातभर एक वृहद रेस्क्यू अभियान चलाया और फंसे हुए सभी यात्रियों को बड़ी कुशलता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
यह घटना यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर जब केदारनाथ धाम की यात्रा अपने चरम पर है।
फंसे यात्रियों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे, जिन्हें कई घंटों तक अनिश्चितता के माहौल में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।भूस्खलन की भयावहता और फंसे यात्रियों का अनुभवयह भूस्खलन **।