छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज, देशभर से आए मत्स्य विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और नीति निर्माता एक राष्ट्रीय स्तर के चिंतन शिविर में एकत्रित हुए।
इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में तिलापिया मछली पालन को बढ़ावा देना है।
यह चिंतन शिविर मछली किसानों की आय में वृद्धि करने, टिकाऊ जलीय कृषि पद्धतियों को अपनाने और तिलापिया उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए आयोजित किया गया है।
इसका लक्ष्य मत्स्य क्षेत्र में नवाचार और विकास को गति देना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके और खाद्य सुरक्षा में सुधार हो।तिलापिया मछली: एक उभरता हुआ विकल्पतिलापिया मछली, जिसे अक्सर "जलीय चिकन" कहा जाता है, अपनी तेजी से बढ़ने की क्षमता, कम लागत में पालन और विभिन्न जलवायू परिस्थितियों में अनुकूलन के कारण दुनियाभर में मत्स्य किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।