ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक असाधारण पुरातात्विक खोज हुई है, जहां 1.5 करोड़ साल पुराने जीवाश्म मिले हैं, जिन्हें स्थानीय रूप से 'असुर हड्डा' या 'राक्षस की हड्डियां' कहा जाता है।
महाराजा श्रीराम चंद्र भंज देव (MSCB) विश्वविद्यालय के जीआईएस विभाग के शोधकर्ता और प्रोफेसर डॉ.
देबब्रत नंदी और उनके छात्रों द्वारा एक नियमित कॉलेज फील्ड ट्रिप के दौरान यह महत्वपूर्ण खोज की गई।
बारिपदा में हुई यह खोज क्षेत्र के प्रागैतिहासिक समुद्री अतीत पर नया प्रकाश डालती है और यह संकेत देती है कि वर्तमान मयूरभंज का एक बड़ा हिस्सा कभी एक उथले समुद्र से ढका हुआ था।