देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर फैली अफवाहों पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बुकिंग नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि अब गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए समयसीमा बढ़ाकर 35 दिन कर दी गई है, लेकिन सरकार ने इन सभी दावों को पूरी तरह गलत बताया है।सरकार के इस बयान से आम लोगों के बीच फैली चिंता और भ्रम काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव, खासकर पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ने के कारण ईंधन संकट की आशंकाएं बढ़ गई थीं, जिससे भारत में भी गैस सप्लाई को लेकर अफवाहें तेज हो गई थीं।क्या था पूरा मामला?कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा था कि:।दो सिलेंडर रखने वाले उपभोक्ताओं को अब 35 दिन बाद ही बुकिंग की अनुमति मिलेगीउज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह अवधि 45 दिन कर दी गई हैसिंगल सिलेंडर वालों के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया हैइन दावों ने आम उपभोक्ताओं में घबराहट पैदा कर दी थी और कई जगहों पर लोगों ने जल्दबाजी में गैस बुकिंग शुरू कर दी।सरकार ने क्या कहा?पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि:।एलपीजी बुकिंग के नियम पहले जैसे ही हैंकिसी भी तरह की नई समयसीमा लागू नहीं की गई हैसोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी भ्रामक और गलत हैसरकार ने यह भी बताया कि मौजूदा व्यवस्था के अनुसार:।शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतर 25 दिन हैग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन हैऔर यह नियम सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू है।पर्याप्त है एलपीजी का स्टॉकसरकार ने साफ किया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सप्लाई में किसी तरह की कोई कमी नहीं है।
लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में आकर गैस बुकिंग न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें।सरकारी तेल कंपनियों ने भी भरोसा दिलाया है कि देशभर में गैस वितरण सामान्य रूप से जारी है और सप्लाई चेन पूरी तरह सुचारु है।अफवाहों से क्यों बढ़ी परेशानी?विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और तेल-गैस आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के कारण लोगों में डर का माहौल बना।