दिल्ली में दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए सांसद या विधायक की सिफारिश की अनिवार्य शर्त को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है।
इस गंभीर चुनौती का सामना करते हुए, दिल्ली सरकार ने अदालत में अपना विस्तृत बचाव प्रस्तुत किया है।
सरकार ने 17 सितंबर, 2026 को दिए गए अपने आधिकारिक जवाब में इस शर्त को पूरी तरह से वैध और एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय बताया है, जिसका उद्देश्य योजना के क्रियान्वयन को सुचारु और प्रभावी बनाना है।
यह पूरा मामला एक जनहित याचिका के बाद गरमाया है, जिसमें इस सिफारिश की संवैधानिकता और व्यवहार्यता को चुनौती दी गई है, आरोप है कि यह प्रक्रिया लाभार्थियों के लिए अनावश्यक बाधाएँ खड़ी करती है।सरकार का तर्क: नीतिगत निर्णय और व्यापक पहुंचदिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी योजना का जोरदार बचाव करते हुए तर्क दिया है कि सांसद या विधायक की सिफारिश की शर्त योजना का एक आवश्यक और अभिन्न अंग है।