पंजाब निवासी श्रवण सिंह ने अपने वकील हकम सिंह के माध्यम से दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 से अचानक हटाए जाने के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर की है।
यह फिल्म 3 जुलाई, 2026 को रिलीज हुई थी और मात्र 48 घंटों के भीतर 5 जुलाई, 2026 को प्लेटफॉर्म से हटा दी गई।
इस कार्रवाई को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का उल्लंघन बताते हुए, याचिका में फिल्म की बहाली और अधिकारियों से इस अचानक प्रतिबंध के पीछे के कानूनी औचित्य पर पारदर्शिता की मांग की गई है।
'सतलुज' फिल्म सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित बताई जा रही है, और इसके हटाए जाने से फिल्म उद्योग, सिख संगठनों और नागरिक स्वतंत्रता समूहों के बीच व्यापक असंतोष फैल गया है।फिल्म 'सतलुज' पर अचानक प्रतिबंध और गहरा होता विवाददिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को 3 जुलाई, 2026 को ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाने से पहले ही, इसे 5 जुलाई, 2026 को प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।