देश और दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में ईंधन संकट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “पावर लॉकडाउन” वाले बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, इस बयान को लेकर कई तरह की गलतफहमियां भी फैल रही हैं।
दरअसल, पीएम मोदी ने किसी लॉकडाउन की घोषणा नहीं की, बल्कि संभावित ईंधन संकट की स्थिति में सावधानी और स्मार्ट ड्राइविंग की सलाह दी है।क्या है ‘पावर लॉकडाउन’ का मतलब?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने संबोधन में “पावर लॉकडाउन” शब्द का जिक्र किया।
इसका सीधा मतलब किसी तरह का राष्ट्रीय लॉकडाउन नहीं, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग और ऊर्जा बचत से है।उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान आए संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं और हमें पहले से तैयार रहना चाहिए।प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव, लंबे समय तक असर डाल सकते हैं और ऐसे में देश को सतर्क और एकजुट रहने की जरूरत है।ईंधन संकट की आशंका क्यों बढ़ी?पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात, वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर डाल सकते हैं।