पितृ पक्ष से पहले आज पूर्णिमा श्राद्ध का दिन है, जबकि नियमित पितृ पक्ष की शुरुआत कल से होगी।
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण, श्रद्धा, तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए विशेष समय माना जाता है।
इस दौरान लोग अपने पितरों की शांति और सद्गति के लिए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।कई बार व्यस्तता, यात्रा या अन्य परिस्थितियों के कारण लोग विधिवत श्राद्ध और तर्पण नहीं कर पाते।
ऐसे में Vastu Guru Rana Sikander के अनुसार, श्रद्धा और भाव के साथ पितरों का स्मरण करते हुए जल अर्पित किया जा सकता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार, जल अर्पण करते समय भगवान विष्णु और काशी विश्वनाथ का स्मरण कर अपने पितरों को याद करना चाहिए।