अंतिम समय पर टिकट कैंसिलेशन पर सख्ती

भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब अंतिम समय पर टिकट रद्द करना यात्रियों के लिए महंगा कर दिया है।

नए नियमों का उद्देश्य जहां एक ओर सीटों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना है, वहीं दूसरी ओर दलालों और फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना भी है।

इन बदलावों के बाद यात्रियों को यात्रा की योजना पहले से तय करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि आखिरी समय में टिकट रद्द करने पर अब भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।नए नियमों के अनुसार, अगर कोई यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 8 घंटे के भीतर अपनी कन्फर्म टिकट रद्द करता है, तो उसे कोई भी रिफंड नहीं मिलेगा।

यानी टिकट का पूरा पैसा रेलवे के पास चला जाएगा।यह बदलाव पहले के नियमों की तुलना में काफी सख्त है, क्योंकि पहले कुछ स्थितियों में अंतिम समय तक आंशिक रिफंड मिल जाता था।इसके अलावा, अगर टिकट 8 घंटे से लेकर 24 घंटे पहले तक रद्द किया जाता है, तो यात्री को केवल 50% किराया ही वापस मिलेगा।वहीं 24 से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर करीब 25% किराया काटा जाएगा...वहीं 24 से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर करीब 25% किराया काटा जाएगा और बाकी रकम रिफंड होगी।इस तरह रेलवे ने समय के हिसाब से अलग-अलग कटौती तय कर दी है, जिससे देर से कैंसिलेशन करने पर ज्यादा नुकसान होगा।रेलवे के इस फैसले के पीछे मुख्य कारण सीटों का बेहतर उपयोग और राजस्व में हो रहे नुकसान को रोकना है।

अंतिम समय पर टिकट कैंसिलेशन पर सख्ती

पूरी खबर पढ़ें