वास्तु गुरु राणा सिकंदर के अनुसार।रक्षाबंधन का पावन पर्व इस वर्ष 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
इस बार रक्षाबंधन पर एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बनने की चर्चा है, जिसे कई विद्वान और ज्योतिषाचार्य अत्यंत शुभ मान रहे हैं।
वास्तु गुरु राणा सिकंदर के अनुसार इस वर्ष का रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक बनने के साथ-साथ आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।पंचांग गणना के अनुसार इस बार सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह प्रारंभ होकर 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रहेगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भद्रा काल 28 अगस्त के सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा, इसलिए सुबह का शुभ मुहूर्त बिना किसी भद्रा बाधा के उपलब्ध रहेगा।