हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं।
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की अशुभ स्थिति हो या शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अन्य प्रभाव चल रहा हो, तो जीवन में आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
वास्तु गुरु राणा सिकंदर के अनुसार शनिवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है और नकारात्मक प्रभावों में कमी आ सकती है।राणा सिकंदर बताते हैं कि शनिवार को प्रातः स्नान के बाद शनिदेव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
यदि मंदिर जाना संभव न हो तो घर के पूजा स्थल में शनिदेव का ध्यान कर तेल का दीपक जलाया जा सकता है।उनके अनुसार पीपल के वृक्ष की पूजा भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है।