देश में बढ़ते शोर प्रदूषण को लेकर सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।
शहरी क्षेत्रों से लेकर छोटे कस्बों तक ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे न केवल पर्यावरण बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए शोर (Noise) कानून में बदलाव करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।वर्तमान समय में तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर, डीजे, पटाखे और यातायात का शोर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है।
खासकर रात के समय अत्यधिक शोर से नींद में बाधा आती है, जिससे तनाव, उच्च रक्तचाप और अन्य मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं।