छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शुरू किया गया ‘पोषण वाटिका मॉडल’ आज पूरे राज्य ही नहीं बल्कि देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
इस पहल के तहत सरकारी स्कूलों में खाली पड़ी जमीन को उपयोग में लाकर वहां पोषण वाटिकाएं विकसित की जा रही हैं, जहां ताजा और जैविक सब्जियां उगाई जा रही हैं।
इसका सीधा फायदा स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत पर देखने को मिल रहा है।इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना और कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करना है।
स्कूल परिसर में तैयार की गई इन वाटिकाओं में पालक, मेथी, भिंडी, टमाटर, लौकी, कद्दू जैसी कई तरह की हरी सब्जियां उगाई जा रही हैं।