केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाल ही में नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसका उद्देश्य दशकों पुराने महानदी जल विवाद को सुलझाना था।
इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भाग लिया, जो दोनों राज्यों में नई सरकारों के गठन के बाद इस मुद्दे पर पहली उच्च-स्तरीय चर्चा थी।
केंद्र सरकार की इस सक्रिय पहल को अंतर-राज्यीय जल बंटवारे के एक जटिल और संवेदनशील मुद्दे के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह विवाद दोनों राज्यों के किसानों और आर्थिक विकास पर सीधा प्रभाव डालता है, और इसका समाधान क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है।