छत्तीसगढ़ के कभी नक्सल प्रभावित रहे अबूझमाड़ क्षेत्र में अब कॉफी की खेती के माध्यम से आर्थिक समृद्धि की नई गाथा लिखी जा रही है।
नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक में, जहां दशकों तक नक्सली गतिविधियों का बोलबाला था, वहां राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की पहल पर कॉफी बागानों का सपना साकार हो रहा है।
वर्ष 2022-23 में 10 एकड़ भूमि पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत अरेबिका किस्म के 5000 कॉफी के पौधे लगाए गए हैं, जिनका उद्देश्य आदिवासी समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना, क्षेत्र के विकास को गति देना और अप्रत्यक्ष रूप से नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर करना है।
यह परियोजना क्षेत्र की विशिष्ट जलवायु और उपजाऊ मिट्टी का लाभ उठाकर नक्सलवाद के अंधेरे से बाहर निकलकर विकास की रोशनी फैलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।अबूझमाड़: एक नई सुबह की कहानीअबूझमाड़, जिसका शाब्दिक अर्थ है "अज्ञात पहाड़ी", छत्तीसगढ़ के नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों में फैला एक विशाल और दुर्गम क्षेत्र है।